मेरठ, 1 नवम्बर आजाद एक्सप्रेस समाचार (संवाददाता):
एल.एल.आर.एम. मेडिकल कॉलेज, मेरठ में शनिवार सायं एक भव्य कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया, जिसमें देशभर से आए कवियों ने अपनी रचनाओं से श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कॉलेज के प्राचार्य डॉ. आर. सी. गुप्ता, उप प्राचार्य डॉ. ज्ञानेश्वर टाक एवं चिकित्सा अधीक्षक डॉ. धीरज बालियान द्वारा दीप प्रज्ज्वलन कर किया गया।
मुख्य अतिथि डॉ. आर. सी. गुप्ता ने अपने उद्बोधन में कहा कि “कविता मन को शीतलता देती है, तनाव दूर करती है और सकारात्मक ऊर्जा प्रदान करती है। चिकित्सा एवं तकनीकी पढ़ाई के साथ साहित्यिक संवेदनाओं का होना मनुष्य को पूर्ण बनाता है।”
कार्यक्रम का संचालन कवि डॉ. अनुज त्यागी (मेरठ) ने किया, जिन्होंने अपनी मधुर पंक्तियों “मीत मेरा मन प्रीत गीत संगीत मधुर बन चहके…” से कार्यक्रम की शुरुआत की और श्रोताओं का मन जीत लिया।
कवि सम्मेलन में देश के विभिन्न शहरों से आए कवियों ने अपनी कविताओं से देशभक्ति, संवेदना और हास्य का सुंदर संगम प्रस्तुत किया।
- उपेंद्र पाण्डेय ‘कवि’ (अयोध्या) ने अपनी ओजस्वी प्रस्तुति “वतन पर जाँ लुटाने से बड़ा बलिदान क्या होगा…” से देशभक्ति की भावना जगाई।
- कुशल दौनेरिया (आगरा) ने “यहाँ तुम देखना रुतबा हमारा” जैसी रचनाओं से श्रोताओं को खूब गुदगुदाया।
- डॉ. मोहित संगम (सहारनपुर) ने कहा, “हम शब्द के साधक कविता है जाँ हमारी, पर कोई भी कविता यहाँ वतन से बड़ी नहीं।”
- डॉ. रजनी चौहान (देहरादून) ने भावपूर्ण पंक्तियाँ “इक ख़्वाब ही को ज़ीस्त का हासिल समझ लिया” सुनाकर हृदयों को छू लिया।
- डॉ. शुभम त्यागी (मेरठ) की रचना “कैसे समझोगे तुम मन की संवेदना…” ने भावनात्मक वातावरण बनाया।
- वहीं मुकेश श्रीवास्तव (कानपुर) ने अपने व्यंग्य और हास्य से पूरे ऑडिटोरियम को ठहाकों से भर दिया।
पूरे कार्यक्रम के दौरान तालियों की गूंज और काव्य रस की मिठास से वातावरण सराबोर रहा।
इसी क्रम में छात्र प्रकोष्ठ की ओर से मीनाक्षी रावत, अशना और शिवा ने मंच संचालन करते हुए काव्य प्रतियोगिता का सफल आयोजन किया। प्रतियोगिता में छात्रों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, जिसमें मिताली और अंजलि ने प्रथम स्थान, जबकि अब्दुल और आलिम ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। विजेताओं को मुख्य अतिथियों द्वारा सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में डॉ. शिवानी मेहरा, डॉ. टेनजिंग, डॉ. अरविंद, डॉ. गौरव गुप्ता, डॉ. प्रेम मिश्रा, डॉ. सुभाष गुप्ता, डॉ. राजकुमार गोयल, श्री नत्थू सिंह, तथा सृजन दीप्ति संस्था के अध्यक्ष अनिल शर्मा सहित अनेक विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।
कवि सम्मेलन ने न केवल साहित्यिक वातावरण को जीवंत किया, बल्कि यह भी सिद्ध किया कि चिकित्सा क्षेत्र के विद्यार्थी और शिक्षक भी संवेदनाओं से परिपूर्ण रचनात्मकता के धनी हैं।

