माता-पिता हमारे जीवन में सबसे बड़े गुरु
जावेद चौधरी
बेहट – आजाद एक्सप्रेस समाचार
गुरु गोविंद दोउ खड़े काको लागौ पाय,
बलिहारी गुरु आपने गोविंद दियो बताय।
इस दोहे में कवि यह नहीं समझ पा रहा है कि जिस समय गुरु और ईश्वर दोनों सामने खड़े हो तो पहले किसके चरण वंदना करूं जबकि ईश्वर तक पहुंचाने का रास्ता तो गुरु ने ही बताया है समझाया गया है कि गुरु अर्थात शिक्षक का जीवन में बहुत बड़ा महत्व।
बेहट तहसील क्षेत्र मे शिक्षक दिवस के अवसर पर देश के दूसरे राष्ट्रपति एवं महान दार्शनिक डॉक्टर सर्वपल्ली राधाकृष्णन को याद किया गया
भगवती देवी विद्या मंदिर स्कूल फतेहपुर कलां में भारत के दूसरे राष्ट्रपति और महान दार्शनिक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती को शिक्षक दिवस के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर प्रबंधक राजकुमार शर्मा ने कहा कि हमारे जीवन में शिक्षक का स्थान बहुत महत्वपूर्ण होता है। शिक्षक केवल किताबों का ज्ञान नहीं देते, बल्कि वे हमें जीवन जीने की सही दिशा भी दिखाते हैं। हर साल 5 सितंबर को भारत में शिक्षक दिवस बड़े उत्साह और आदर के साथ मनाया जाता है। यह दिन भारत के दूसरे राष्ट्रपति और महान दार्शनिक डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती पर मनाया जाता है। वे स्वयं एक महान शिक्षक थे और हमेशा मानते थे कि शिक्षा केवल रोजगार पाने का साधन नहीं, बल्कि इंसान को बेहतर इंसान बनाने का जरिया है। इसी सोच को आगे बढ़ाने के लिए इस दिन को विशेष महत्व दिया गया। प्रधानाचार्य राकेश भारद्वाज ने कहा कि शिक्षक समाज के असली निर्माता होते हैं। अगर डॉक्टर जीवन बचाते हैं, इंजीनियर पुल और इमारतें बनाते हैं, तो शिक्षक इंसान के व्यक्तित्व का निर्माण करते हैं। वे बच्चों में अनुशासन, संस्कार, मेहनत और सही सोच का बीज बोते हैं। एक अच्छा शिक्षक केवल पढ़ाई ही नहीं कराता, बल्कि विद्यार्थियों को यह भी सिखाता है कि असफलताओं से कैसे सीखना है और जीवन में आगे कैसे बढ़ना है।यही कारण है कि कहा जाता है गुरु बिन ज्ञान नहीं, और ज्ञान के बिना जीवन अधूरा है। इस अवसर पर उप प्रधानाचार्य अरुणा चौहान, आज़ाद सिंह ने भी सम्बोधित किया। नेहा शर्मा, अर्चना शर्मा, पारुल, नेहा चौहान, शिवानी गुप्ता, जितेंद्र सिंह, शिव चौहान, सिमरन, रिया आदि उपस्थित रहे।
