लाला लाजपत राय स्मारक मेडिकल कॉलेज, मेरठ का सरदार वल्लभभाई पटेल चिकित्सालय एक बार फिर मानवता की मिसाल पेश करते हुए सर्पदंश (Snake Bite) के गंभीर मरीज को नया जीवन देने में सफल रहा है। यह चिकित्सालय पश्चिमी उत्तर प्रदेश का प्रमुख स्वास्थ्य केंद्र है, जो निरंतर मरीजों की सेवा और जनजागरूकता के लिए कार्यरत है।
मेडिकल कॉलेज द्वारा आमजन में साँप के काटने से बचाव और प्राथमिक उपचार के प्रति जागरूकता बढ़ाने हेतु समय-समय पर सेमिनार, सड़क नाटक, और स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया जाता है। साँप के काटने की स्थिति को चिकित्सा विज्ञान में आपातकाल माना जाता है, क्योंकि इसके विष में पाए जाने वाले न्यूरोटॉक्सिन, हैमोटॉक्सिन और कार्डियोटॉक्सिन शरीर के तंत्रिका तंत्र, रक्त प्रवाह और हृदय पर गंभीर प्रभाव डालते हैं।
इसी क्रम में हाल ही में मेडिकल कॉलेज मेरठ ने 22 वर्षीय प्रशांत (निवासी – धंपुर, हापुड़, मेरठ) को जीवनदान देकर उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। प्रशांत को दाहिने हाथ की तीसरी उंगली में साँप के काटने के बाद गंभीर अवस्था में मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। उसे तेज दर्द, सूजन, रक्तस्राव, चक्कर व कमजोरी जैसी समस्याएँ थीं।
मरीज को तत्काल मेडिसिन विभाग के वरिष्ठ चिकित्सक डॉ. अरविंद कुमार (MD) एवं डॉ. विवेक कुमार ऋषि (MD) की देखरेख में भर्ती किया गया। डॉक्टरों की टीम ने 22 वायल एंटी स्नेक बाइट वेनम और 20 यूनिट फ्रेश फ्रोजन प्लाज्मा के साथ उपचार प्रारंभ किया। साथ ही नेफ्रोलॉजी और सर्जरी विभाग के विशेषज्ञों की सलाह लेकर मरीज को टेली-आईसीयू में रखा गया। लगातार निगरानी और सघन उपचार के बाद लगभग 10 दिनों में मरीज पूर्णतः स्वस्थ हो गया। प्रशांत अब पूरी तरह सामान्य है और चिकित्सकों की टीम के प्रयासों से बेहद संतुष्ट है।
मेडिकल कॉलेज मेरठ के रिकॉर्ड के अनुसार, सितंबर 2025 में कुल 39 सर्पदंश के मरीज भर्ती हुए, जिनमें से 28 मामलों में साँप विषैला था। इनमें 7 मरीज न्यूरोटॉक्सिक और 4 वास्कुलोटॉक्सिक साँपों के काटने के शिकार थे। सभी मरीजों को एंटी स्नेक बाइट वेनम, कंजरवेटिव मैनेजमेंट और सहायक चिकित्सा दी गई। इनमें से 35 मरीज पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौटे, 2 को उच्चतर केंद्र भेजा गया, जबकि 2 मरीजों की अस्पताल में देर से पहुँचने के कारण मृत्यु हुई।
मेडिकल कॉलेज मेरठ सर्पदंश के मरीजों के लिए पश्चिमी उत्तर प्रदेश में सर्वोत्तम उपचार सुविधाएँ उपलब्ध कराता है। यहाँ एंटी स्नेक बाइट वेनम, आधुनिक चिकित्सा उपकरण, विशेषज्ञ डॉक्टर और आवश्यक दवाएँ पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहती हैं।
प्राचार्य डॉ. आर. सी. गुप्ता ने मेडिसिन विभाग के प्रोफेसर डॉ. अरविंद कुमार, डॉ. विवेक कुमार ऋषि तथा उनकी पूरी टीम को इस उत्कृष्ट चिकित्सा कार्य हेतु बधाई और शुभकामनाएँ दीं। उन्होंने कहा कि मेडिकल कॉलेज मेरठ हमेशा मानव सेवा और मरीजों की जीवन रक्षा के लिए समर्पित रहेगा।
