मेरठ में हाईकोर्ट बेंच की मांग को लेकर बेगमपुल पर धरना

वकीलों के समर्थन में उतरे भारतीय किसान यूनियन (किसान क्रांति), नेताओं और पदाधिकारियों की रही भारी मौजूदगी

मेरठ, आजाद एक्सप्रेस समाचार से राहुल कंसल की रिपोर्ट
मेरठ शहर का ऐतिहासिक बेगमपुल चौराहा शनिवार को एक बार फिर किसान और वकीलों के संघर्ष का गवाह बना। हाईकोर्ट की बेंच मेरठ में स्थापित करने की पुरानी मांग को लेकर जहां वकील लंबे समय से आंदोलनरत हैं, वहीं आज भारतीय किसान यूनियन (किसान क्रांति) ने इस मांग को अपना खुला समर्थन देते हुए धरना-प्रदर्शन किया। इस मौके पर संगठन के राष्ट्रीय व प्रांतीय पदाधिकारी बड़ी संख्या में मौजूद रहे और उन्होंने वकीलों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर न्यायिक बेंच की आवश्यकता पर जोर दिया।

धरने में विशेष रूप से भारतीय किसान यूनियन (किसान क्रांति) के राष्ट्रीय अध्यक्ष विपिन मालिक, महानगर अध्यक्ष गुलफाम खान, महानगर उपाध्यक्ष जावेद खान और मंत्री राहुल कंसल मंच पर मौजूद रहे। इसके अतिरिक्त क्षेत्रीय विधायक अतुल प्रधान ने भी कार्यक्रम में भागीदारी कर आंदोलनकारियों का हौसला बढ़ाया।

हाईकोर्ट बेंच की मांग बनी जनआवाज

धरने के दौरान वक्ताओं ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश की जनता वर्षों से मेरठ में हाईकोर्ट बेंच की मांग कर रही है। वर्तमान में लोगों को छोटे-छोटे मामलों के लिए भी इलाहाबाद या लखनऊ की दौड़ लगानी पड़ती है, जिससे समय और धन दोनों की भारी बर्बादी होती है। किसानों और वकीलों ने यह स्पष्ट किया कि यह मांग केवल वकीलों की नहीं बल्कि पूरे क्षेत्र के आम नागरिकों की है।

विपिन मालिक ने अपने संबोधन में कहा – “पश्चिमी उत्तर प्रदेश की 22 से अधिक जिलों की जनता लंबे समय से इस मांग को उठा रही है। अगर सरकार वास्तव में जनता को न्याय सुलभ कराना चाहती है तो मेरठ में हाईकोर्ट बेंच की स्थापना तत्काल की जानी चाहिए।”

किसानों और वकीलों की साझा लड़ाई

धरने के दौरान “जय जवान जय किसान” और “हाईकोर्ट बेंच मेरठ में लाओ” जैसे नारों से बेगमपुल इलाका गूंज उठा। किसानों ने साफ कहा कि वे वकीलों के साथ खड़े हैं और आने वाले समय में यदि जरूरत पड़ी तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।

गुलफाम खान और जावेद खान ने कहा कि हाईकोर्ट बेंच की स्थापना पश्चिमी उत्तर प्रदेश की मूलभूत आवश्यकता है। किसानों को खेत-खलिहान से निकलकर अदालतों के चक्कर लगाना पड़ता है और न्याय के लिए सालों इंतजार करना पड़ता है। अब समय आ गया है कि केंद्र और राज्य सरकार इस मांग को गंभीरता से लेकर ठोस कदम उठाए।

विधायक अतुल प्रधान का समर्थन

धरने में पहुंचे विधायक अतुल प्रधान ने वकीलों और किसानों की आवाज को समर्थन देते हुए कहा कि प्रदेश सरकार को क्षेत्र की इस जरूरत को समझना चाहिए। उन्होंने कहा – “आज किसानों और वकीलों का यह संयुक्त आंदोलन एक नया संदेश दे रहा है कि न्याय और अधिकार की लड़ाई अब कोई अकेले नहीं लड़ेगा। सरकार को इस आवाज को अनसुना नहीं करना चाहिए।”

आंदोलन को मिला नया बल

धरना शांतिपूर्ण तरीके से सम्पन्न हुआ, लेकिन किसानों और वकीलों की एकजुटता ने सरकार को स्पष्ट संकेत दिया कि अब इस मुद्दे को नज़रअंदाज़ करना आसान नहीं होगा। आंदोलनकारियों ने चेतावनी दी कि अगर उनकी मांग पर शीघ्र कोई सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो यह आंदोलन और व्यापक स्तर पर किया जाएगा।

धरने के अंत में राष्ट्रीय अध्यक्ष विपिन मालिक के नेतृत्व में प्रस्ताव पारित कर सरकार से तुरंत मेरठ में हाईकोर्ट बेंच स्थापित करने की मांग की गई। उपस्थित भीड़ ने हाथ उठाकर इस प्रस्ताव का समर्थन किया।

निष्कर्ष

आज का यह धरना न केवल पश्चिमी उत्तर प्रदेश की न्यायिक जरूरत को सामने लाने का प्रतीक बना, बल्कि इसने किसानों और वकीलों की साझा ताकत को भी दिखाया। आंदोलनकारियों का संदेश साफ था – “न्याय पाना हर नागरिक का अधिकार है और हाईकोर्ट बेंच इसका सबसे बड़ा साधन है।”

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

15 दिन पूर्व हुए इलियास गोलीकांड का पुलिस ने किया खुलासा

Sat Sep 20 , 2025
Post Views: 733 मेरठ। लिसाड़ीगेट आजाद एक्सप्रेस समाचार के लिए शहीद खान की रिपोर्ट थाना क्षेत्र में 15 दिन पूर्व हुए बुजुर्ग इलियास गोलीकांड मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। इस मामले ने उस समय पूरे शहर को हिलाकर रख दिया था, जब इलियास नामक बुजुर्ग को […]

You May Like

Breaking News