मेरठ। लिसाड़ीगेट आजाद एक्सप्रेस समाचार के लिए शहीद खान की रिपोर्ट
थाना क्षेत्र में 15 दिन पूर्व हुए बुजुर्ग इलियास गोलीकांड मामले का पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा कर दिया है। इस मामले ने उस समय पूरे शहर को हिलाकर रख दिया था, जब इलियास नामक बुजुर्ग को नमाज़ अदा करके घर लौटते समय गोली मार दी गई थी। घटना के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया था और विभिन्न संगठनों ने इसे विरोधियों की करतूत बताते हुए जमकर प्रदर्शन किया था। लेकिन अब पुलिस जांच में जो सच्चाई सामने आई है, उसने सभी को हैरान कर दिया।
खुद ही रच डाली थी साज़िश
पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ कि इलियास ने खुद पर गोली चलवाने की पूरी साज़िश रची थी। जानकारी के मुताबिक, इलियास ने 4 लाख रुपये में तीन शूटरों को हायर किया था। योजना के अनुसार, नमाज़ पढ़कर लौटते समय उस पर फायरिंग की गई, ताकि मामला विरोधी गुट पर डाला जा सके और उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाया जा सके।
जेल में बनी शूटरों से दोस्ती
पुलिस ने जांच में यह भी पाया कि इलियास की मुलाकात इन शूटरों से 3 साल पहले मेरठ जिला कारागार में हुई थी। जेल में रहते हुए ही उसकी दोस्ती कुछ शातिर अपराधियों से हुई थी। रिहाई के बाद इलियास ने उन्हीं से संपर्क साधा और योजना बनाई कि वह खुद पर हमला करवा कर सहानुभूति बटोरेगा और अपने विरोधियों को फंसा देगा।
पुराना इतिहास भी आया सामने
पुलिस रिकॉर्ड खंगालने पर यह भी सामने आया कि इलियास कोई पहली बार ऐसा करतूत नहीं कर रहा था। वर्ष 2018 में भी उसने खुद पर हमला करवाया था। उस समय भी उसने इसी तरह विरोधियों को फंसाने की कोशिश की थी। यह सिलसिला बताता है कि इलियास अपने फायदे के लिए पहले भी ऐसे षड्यंत्र रच चुका है।
पुलिस का खुलासा और कार्रवाई
लिसाड़ीगेट थाना पुलिस ने इस पूरे मामले की गहराई से जांच की। सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने सच्चाई तक पहुंच बनाई। खुलासे में शामिल पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इलियास ने खुद पर हमला करवाने के लिए बाकायदा योजना बनाई थी। पुलिस ने इस साजिश में शामिल दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि एक और आरोपी की तलाश की जा रही है।
बड़ा सवाल: क्यों रचता है षड्यंत्र?
इलियास के इस पूरे मामले ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर क्यों एक बुजुर्ग व्यक्ति बार-बार अपनी जान खतरे में डालकर ऐसे षड्यंत्र रचता है? क्या इसके पीछे निजी दुश्मनी, जमीन का विवाद या राजनीतिक लाभ की मंशा है? पुलिस अब इस एंगल से भी जांच कर रही है कि इलियास का मकसद महज विरोधियों को फंसाना था या इसके पीछे कोई बड़ा गिरोह काम कर रहा था।
पुलिस की सख्ती से खुला राज़
वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के फर्जी हमलों और षड्यंत्रों को किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। इस मामले ने पुलिस की सतर्कता और तकनीकी जांच की क्षमता को भी साबित किया है। अगर पुलिस ने गहराई से जांच न की होती, तो शायद निर्दोष लोग झूठे मामले में फंस जाते और एक बड़ा विवाद खड़ा हो जाता।
पुलिस अब इलियास और उसके साथियों पर कड़ी कार्रवाई की तैयारी में है। वहीं, इलाके में लोग अब इस घटना को लेकर चौंक गए हैं कि जिसे वे हमले का शिकार समझ रहे थे, वह खुद ही इस पूरी साजिश का मास्टरमाइंड निकला