मुरादाबाद आजाद एक्सप्रेस के लिए तबस्सुम की रिपोर्ट।
रामगंगा विहार स्थित श्री पार्श्वनाथ दिगंबर जैन मंदिर में गुरुवार को स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में भव्य रथयात्रा महोत्सव धूमधाम से संपन्न हुआ। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम ने पूरे क्षेत्र को धार्मिक उत्साह और आस्था के रंगों से सराबोर कर दिया। प्रातःकालीन पूजा, अभिषेक और शांति धारा के साथ कार्यक्रम की शुरुआत हुई, जिसके बाद भगवान की सवारी रामगंगा विहार क्षेत्र में भक्ति भाव के साथ निकाली गई। रथयात्रा में गाजे-बाजे और भक्ति संगीत की मधुर धुनों पर श्रद्धालु झूम उठे। जैन समाज के लोगों ने भजनों की स्वर लहरियों पर नृत्य करते हुए अपनी आस्था का प्रदर्शन किया। यात्रा में अहिंसा, जिन धर्म और सांस्कृतिक मूल्यों को दर्शाती झांकियां आकर्षण का केंद्र रहीं। पात्रों का चयन बोली की परंपरा के अनुसार किया गया, जिसने इस आयोजन को और भी खास बना दिया। इस अवसर पर गिरनार गौरव आचार्य गुरुवर निर्मलसागर जी महाराज के परम शिष्य क्षुल्लकरत्न 105 श्री समर्पणसागर जी महाराज का मंगल आशीर्वाद प्राप्त हुआ। धर्म सभा को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भगवान महावीर स्वामी जैन धर्म के संस्थापक नहीं, बल्कि जिन धर्म के प्रवर्तक हैं। उन्होंने बताया कि भगवान आदिनाथ से लेकर भगवान महावीर तक सभी तीर्थंकरों ने धर्म तीर्थ का प्रवर्तन किया। पुरुवा नामक भील से भगवान महावीर बनने की यात्रा इसका उदाहरण है। उन्होंने कहा कि जैन धर्म अहिंसा प्रधान धर्म है, जिसमें भगवान महावीर ने न केवल मानव, बल्कि मिट्टी, पानी, अग्नि, वायु, वनस्पति और जीव-जंतुओं के प्रति भी अहिंसक व्यवहार का उपदेश दिया। क्षुल्लक समर्पणसागर जी ने आगे कहा कि आज विश्व में हिंसा का तांडव हो रहा है। ऐसे में भगवान महावीर के अहिंसा और करुणा के संदेश को अपनाने की आवश्यकता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आह्वान किया कि भगवान महावीर के सिद्धांतों को जानें और जीवन में उतारें। कार्यक्रम का संचालन नीरज जैन शास्त्री और राहुल जैन ने संयुक्त रूप से किया। इस अवसर पर मुरादाबाद जैन समाज के अध्यक्ष अनिल कुमार जैन, महिला समाज की अध्यक्ष श्रीमती नीलम जैन, मंदिर के अध्यक्ष संदीप जैन, संरक्षक सर्वोदय जैन, मंत्री नीरज जैन, कोषाध्यक्ष विकास जैन, उपाध्यक्ष सजल जैन, डॉ. पवन कुमार जैन, श्रीमती अलका जैन, अजय कुमार जैन, दीपाली जैन, संजय कुमार जैन, स्मिता जैन, अमन जैन एडवोकेट, प्रिया जैन, समीर जैन, शिखा जैन, सुषमा जैन, उषा जैन, इंजीनियर कमल कुमार जैन, अंकुर जैन, मोहित जैन, अनुज जैन, अविनाश जैन और युवा जैन मिलन की पूरी टीम सहित सैकड़ों धर्मावलंबी उपस्थित रहे। यह आयोजन न केवल धार्मिक उत्साह का प्रतीक बना, बल्कि जैन धर्म के अहिंसा और करुणा के सिद्धांतों को भी जन-जन तक पहुंचाने में सफल रहा।
