दीपावली का पर्व नजदीक आते ही जहां आम जन दीप सजाने और खरीदारी में व्यस्त हैं, वहीं शहर के कई इलाकों में सट्टेबाजों की चांदी कटने लगी है। ब्रह्मपुरी और लोहिया नगर क्षेत्र में सट्टे का अवैध कारोबार एक बार फिर जोर पकड़ चुका है। सूत्रों के अनुसार इन क्षेत्रों में पचास से अधिक सक्रिय सट्टा प्वाइंट खुलेआम चल रहे हैं, लेकिन पुलिस मौन बनी हुई है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि दीपावली जैसे त्योहारों पर सट्टेबाजों की गतिविधियां अचानक बढ़ जाती हैं। मोहल्लों में गली-गली सट्टे के अड्डे सज जाते हैं, जहां छोटे-बड़े सभी वर्गों के लोग किस्मत आजमाने पहुंचते हैं। रात के अंधेरे में यह कारोबार और भी तेज हो जाता है। लोगों ने आरोप लगाया है कि ब्रह्मपुरी व लोहिया नगर थाना पुलिस इस पूरे खेल से भली-भांति वाकिफ होने के बावजूद कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही है।
सट्टेबाज मोबाइल फोन, सोशल मीडिया ग्रुप और गुप्त कोड वर्ड के जरिए तेजी से कारोबार फैला रहे हैं। कई जगहों पर छोटे दुकानदारों के पीछे से नंबर लगाए जा रहे हैं। आम नागरिकों का कहना है कि पुलिस की निष्क्रियता के चलते यह अवैध जाल अब युवाओं को अपनी गिरफ्त में ले रहा है। कई स्कूली और कॉलेज के छात्र भी इस चक्कर में फंस रहे हैं, जिससे परिवारों पर आर्थिक और सामाजिक असर पड़ रहा है।
जानकारों का कहना है कि सट्टा कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस को विशेष अभियान चलाना चाहिए। त्योहार के मौसम में बढ़ती सट्टेबाजी से समाज में अपराध और अवैध लेन-देन के मामले भी बढ़ सकते हैं। जनता अब यही उम्मीद कर रही है कि मेरठ पुलिस जल्द ही सक्रिय होकर इन अड्डों पर छापेमारी करे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करे।
