संतोष मित्तल: रेस्पिरेट्री मेडिसिन में मेरठ का नाम रोशन करने वाले विशेषज्ञ

आजाद एक्सप्रेस के लिए रुकैया नावेद की रिपोर्ट
मेरठ   –  मेडिकल कॉलेज, उत्तर प्रदेश के चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में सदैव अग्रणी रहा है। यहाँ विभिन्न विभागों के विशेषज्ञ चिकित्सक न केवल शिक्षा के क्षेत्र में योगदान देते हैं, बल्कि रोगियों के उपचार में भी उत्कृष्टता का परिचय देते हैं। ऐसे ही एक नाम है डॉक्टर संतोष मित्तल, जो कि वर्तमान में रेस्पिरेट्री मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष हैं। उनके नेतृत्व में विभाग ने न केवल मेरठ में बल्कि पूरे उत्तर भारत में श्वसन रोगों के उपचार और शोध के क्षेत्र में महत्वपूर्ण उपलब्धियाँ हासिल की हैं।
प्रारंभिक जीवन और शिक्षा
डॉ. संतोष मित्तल का जन्म धौलपुर राजस्थान में हुआ था। बचपन से ही उनका झुकाव विज्ञान और चिकित्सा के क्षेत्र में था। उन्होंने अपनी प्रारंभिक शिक्षा धौलपुर राजस्थान में ही पूरी की और बाद में MBBS की डिग्री आरएनटी मेडिकल कॉलेज उदयपुर के प्रतिष्ठित मेडिकल संस्थान से प्राप्त की। श्वसन रोगों (Respiratory Medicine) के प्रति उनका विशेष आकर्षण उनके छात्र जीवन में ही स्पष्ट हो गया। इसके पश्चात उन्होंने MD (Respiratory Medicine) की डिग्री प्राप्त की और विशेषज्ञता में दक्षता हासिल की।
उनकी शिक्षा और प्रशिक्षण ने उन्हें न केवल चिकित्सकीय ज्ञान में पारंगत किया, बल्कि रोगियों के साथ संवेदनशीलता और सहानुभूति के महत्व को भी समझाया। उन्होंने विभिन्न राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सेमिनारों में भाग लेकर अपने ज्ञान का स्तर और भी उन्नत किया।
चिकित्सा क्षेत्र में योगदान
डॉ. मित्तल के नेतृत्व में रेस्पिरेट्री मेडिसिन विभाग ने श्वसन रोगों के क्षेत्र में अनेक उन्नत तकनीकों और आधुनिक उपचार पद्धतियों को अपनाया है। विभाग में अस्थमा, क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिज़ीज़ (COPD), निमोनिया, ट्यूबरकुलोसिस, और अन्य जटिल श्वसन संबंधी बीमारियों का उपचार किया जाता है।
डॉ. मित्तल ने न केवल क्लिनिकल उपचार में उत्कृष्टता प्राप्त की है, बल्कि श्वसन रोगों की रोकथाम और जागरूकता फैलाने के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। उन्होंने मेरठ और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया, जहाँ लोगों को अस्थमा और फेफड़ों से संबंधित बीमारियों के लक्षण, रोकथाम और उपचार के बारे में जागरूक किया गया।
शोध और प्रकाशित कार्य
डॉ. संतोष मित्तल का चिकित्सा शोध में भी गहरा योगदान है। उन्होंने श्वसन रोगों पर कई शोध पत्र और राष्ट्रीय- जर्नल्स में प्रकाशित लेख लिखे हैं। उनके शोध का मुख्य फोकस क्रॉनिक ऑब्सट्रक्टिव पल्मोनरी डिज़ीज़ (COPD), अस्थमा प्रबंधन, और फेफड़ों के संक्रमण पर रहा है।
उनके अनुसंधान ने न केवल उपचार की नई दिशा दी है, बल्कि चिकित्सा छात्रों और जूनियर चिकित्सकों के लिए भी प्रेरणा का स्रोत बने हैं। कई शोध परियोजनाओं में उन्होंने मेडिकल कॉलेज के छात्रों और जूनियर डॉक्टरों को मार्गदर्शन दिया, जिससे आने वाली पीढ़ी श्वसन रोगों के क्षेत्र में और अधिक विशेषज्ञ बन सके।
शिक्षा और प्रशिक्षण में भूमिका
एक विभागाध्यक्ष के रूप में, डॉ. मित्तल का योगदान केवल रोगियों तक सीमित नहीं है। वे शिक्षा और प्रशिक्षण के क्षेत्र में भी अत्यंत सक्रिय हैं। उन्होंने मेडिकल कॉलेज में कई प्रशिक्षण कार्यक्रम, वर्कशॉप और CME (Continuing Medical Education) सत्र आयोजित किए हैं।
उनके नेतृत्व में छात्रों ने श्वसन रोगों की गहन समझ प्राप्त की और आधुनिक तकनीकों, जैसे कि फेफड़ों की फ़ंक्शन और इंटेंसिव केयर उपचार में दक्षता हासिल की। उनके समर्पण के कारण, विभाग में शिक्षा और नैदानिक अभ्यास का स्तर उच्चतम मानकों के अनुरूप है।
रोगियों के प्रति दृष्टिकोण
डॉ. मित्तल की एक विशेष पहचान यह भी है कि वे अपने रोगियों के प्रति अत्यंत संवेदनशील और सहानुभूतिपूर्ण हैं। उनका मानना है कि चिकित्सा केवल रोग का उपचार नहीं, बल्कि रोगी की मानसिक और शारीरिक स्थिति को समझकर पूर्ण देखभाल करना है। यही कारण है कि उनके पास आने वाले रोगी न केवल चिकित्सा उपचार से संतुष्ट होते हैं, बल्कि उनके अनुभव और रोग प्रतिकार शक्ति में भी सुधार महसूस करते हैं।
सामाजिक योगदान
सिर्फ चिकित्सा और शिक्षा तक सीमित नहीं रहकर, डॉ. मित्तल समाज में स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने में भी अग्रणी भूमिका निभाते हैं। उन्होंने अनेक स्वास्थ्य शिविरों का आयोजन किया, विशेष रूप से ग्रामीण और पिछड़े क्षेत्रों में। इन शिविरों में उन्होंने लोगों को अस्थमा, धूम्रपान और प्रदूषण से जुड़े स्वास्थ्य खतरों के बारे में जानकारी दी।
इसके अलावा, वे स्वास्थ्य और पोषण संबंधी जागरूकता कार्यक्रमों में भी सक्रिय रहते हैं। उनके प्रयासों से कई समुदायों में श्वसन रोगों की रोकथाम और समय पर उपचार के प्रति जागरूकता बढ़ी है।
प्रशंसा और सम्मान
डॉ. संतोष मित्तल को उनके उत्कृष्ट योगदान और समर्पण के लिए कई  राज्य स्तर के पुरस्कारों से सम्मानित किया गया है। उनके नेतृत्व में रेस्पिरेट्री मेडिसिन विभाग ने चिकित्सा शिक्षा और रोग उपचार में कई उपलब्धियाँ हासिल की हैं। उनकी कार्यशैली और नेतृत्व ने कई जूनियर डॉक्टरों और छात्रों के लिए प्रेरणा का काम किया है।
निष्कर्ष
डॉ. संतोष मित्तल का जीवन और कार्य हम सभी के लिए प्रेरणास्पद है। उन्होंने न केवल चिकित्सा विज्ञान में अपनी योग्यता और विशेषज्ञता दिखाई, बल्कि शिक्षा, शोध, सामाजिक जागरूकता और रोगियों की सेवा में भी अनुकरणीय योगदान दिया। उनके नेतृत्व में मेरठ मेडिकल कॉलेज का रेस्पिरेट्री मेडिसिन विभाग न केवल तकनीकी रूप से उन्नत है, बल्कि संवेदनशीलता और मानवता की दृष्टि से भी उत्कृष्ट है।
डॉ. मित्तल का दृष्टिकोण और समर्पण इस बात का प्रमाण है कि एक चिकित्सक केवल रोगियों का इलाज नहीं करता, बल्कि समाज और आने वाली पीढ़ी के लिए प्रेरणा और मार्गदर्शन का स्रोत भी बनता है। उनके प्रयासों से मेरठ मेडिकल कॉलेज का नाम श्वसन रोगों के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश ही नहीं, बल्कि पूरे भारत में ऊँचे मानकों के साथ जाना जाता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Next Post

फार्म फाइनेंस और वर्किंग कैपिटल से जुड़ी पांच सबसे बड़ी प्रगतियाँ

Wed Oct 15 , 2025
Post Views: 115 किसानों के लिए समय पर मिलने वाला पैसा उतना ही जरूरी है जितनी बारिश। इसी से वे बीज और खाद खरीद पाते हैं, मजदूरी दे पाते हैं और अपने पशुधन का पालन कर पाते हैं। पहले किसानों के लिए कामकाज चलाने के लिए वर्किंग कैपिटल जुटाना मुश्किल […]

You May Like

Breaking News